अब मलाल नहीं है
खोकर खुद को इतना खोया हूंँ कि
फिर ना मिलुँ तो मलाल नहीं है |
मैं वक्त से जीतने में इतनी दफा हारा हुँ,
मैं वक्त से जीतने में इतना कुछ हारा हूंँ,
अब खुद को भी हार जाऊं तो मलाल नहीं है |
अब मेरा हाल कैसा,
मैं हूंँ कहांँ, हालातों का मलाल नहीं है,
मैंने खुशी़ से मतलब चुना है,
मेरे मतलब के हजा़र दुख तो मलाल नहीं है |
Comments
Post a Comment